BSc Electronics कोर्स: बीएससी इलेक्ट्रॉनिक्स एक ग्रेजुएशन स्तरीय कोर्स है जिसे 3 वर्ष की अवधि में पूरा किया जा सकता है। यह कोर्स उन छात्रों के लिए है जो इलेक्ट्रॉनिक्स के मूल सिद्धांतों में ग्रेजुएशन की डिग्री प्राप्त करना चाहते हैं। इसके अलावा कुछ विश्वविद्यालय छात्रों की जीवन शैली को ध्यान में रखते है डिस्टेंस मोड में भी बीएससी इलेक्ट्रॉनिक्स कोर्स कराते है जिसकी अवधि न्यूनतम तीन वर्ष से लेकर अधिकतम छह वर्ष तक होती है।
बीएससी इलेक्ट्रॉनिक्स कोर्स में एनालॉग इलेक्ट्रॉनिक्स, डेटा स्ट्रक्चर, इलेक्ट्रोमैग्नेटिक्स आदि जैसे कई विशेष विषय शामिल हैं, जिन्हें छात्रों को इस कोर्स के दौरान पढ़ाया जाता है।
डिग्री | ग्रेजुएशन |
कोर्स | बीएससी इलेक्ट्रॉनिक्स |
कोर्स का पूरा नाम | बैचलर ऑफ़ साइंस इन इलेक्ट्रॉनिक्स |
अवधि | 3 वर्ष |
योग्यता | 10+2 + साइंस स्ट्रीम |
आयु | न्यूनतम 17 वर्ष |
एडमिशन का तरीका | मेरिट या प्रवेश परीक्षा |
कोर्स फीस | 50,000 से 2,90,000 रुपये |
औसत वेतन | 3 से 8 लाख प्रति वर्ष |
नौकरी क्षेत्र | टेलीकम्युनिकेशन, आईटी कंपनियां, डिफेन्स, रेलवे, हार्डवेयर निर्माण, टेलीविजन उद्योग आदि |
नौकरी प्रोफाइल | सर्विस इंजीनियर, इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कम्युनिकेशन कंसल्टेंट, इलेक्ट्रॉनिक्स टेक्निशियन, टेक्निकल लीडर, प्रोजेक्ट मैनेजर, ब्रॉडकास्ट एंड साउंड टेक्नीशियन, इलेक्ट्रॉनिक सेल्स मैनेजर, मैन्युफैक्चरिंग हेड, साइट मेंटेनेंस टेक्निशियन, मार्केटिंग मैनेजर आदि। |
बीएससी इलेक्ट्रॉनिक्स कोर्स क्या है?
बीएससी इलेक्ट्रॉनिक्स या बैचलर ऑफ साइंस इन इलेक्ट्रॉनिक्स 3 साल का अंडरग्रेजुएट डिग्री कोर्स है जो एनालॉग इलेक्ट्रॉनिक्स, कम्युनिकेशंस, ऑप्टोइलेक्ट्रॉनिक्स, इलेक्ट्रोमैग्नेटिक्स, इलेक्ट्रोमैग्नेटिक, डिजिटल सिस्टम डिजाइन, इंजीनियरिंग मैटेरियल्स और मैथमेटिक्स आदि विषयों से संबधित है।
इस कोर्स का उद्देश्य ज्ञान प्रदान करना है कि विभिन्न उपकरण कैसे काम करते हैं और किन उद्देश्यों के लिए डिज़ाइन किए गए हैं। इसके अलावा, जो छात्र इस तकनीकी क्षेत्र में गहरी समझ विकसित करना चाहते हैं, वह उच्च अध्ययन के लिए एमएससी इलेक्ट्रॉनिक्स और पीएचडी के लिए भी जा सकते हैं।
बीएससी इलेक्ट्रॉनिक्स कोर्स क्यों करना चाहिए?
क्या बीएससी इलेक्ट्रॉनिक्स अच्छा कोर्स है? बीएससी इलेक्ट्रॉनिक्स कोर्स करने के विभिन्न फायदे हैं जो प्रत्येक छात्र के लिए अलग – अलग हो सकते है :
- बीएससी इलेक्ट्रॉनिक्स साइंस तीन वर्षीय स्नातक कोर्स है जो छात्रों को इलेक्ट्रॉनिक्स, इलेक्ट्रिकल सर्किट और डिजिटल इलेक्ट्रॉनिक्स के सिद्धांतों सहित इलेक्ट्रॉनिक्स में एक मजबूत आधार प्रदान करता है।
- इस कोर्स में विषयों की एक विस्तृत श्रृंखला शामिल है, जिसमें माइक्रोप्रोसेसर, माइक्रोकंट्रोलर, संचार प्रणाली और कंप्यूटर हार्डवेयर शामिल हैं। यह उन छात्रों के लिए एक आदर्श विकल्प है जो इलेक्ट्रॉनिक्स और संचार उद्योग में करियर बनाने में रुचि रखते हैं, साथ ही जो इलेक्ट्रॉनिक्स या संबंधित क्षेत्रों में आगे की पढ़ाई करने में रुचि रखते हैं।
- यह कोर्स छात्रों को व्यावहारिक कौशल और ज्ञान प्रदान करने के लिए डिज़ाइन किया गया है जो नौकरी के मार्केट में उच्च मांग में हैं। कई इलेक्ट्रॉनिक्स कंपनियां और अनुसंधान संगठन योग्य प्रोफेशनल्स की तलाश कर रहे हैं जिनके पास इलेक्ट्रॉनिक्स और संबंधित टेक्नोलॉजी की मजबूत समझ है।
- बीएससी इलेक्ट्रॉनिक्स साइंस एक व्यावहारिक और हमेशा डिमांड में रहने वाला कोर्स है इसलिए अगर आपने इस कोर्स को चुना है तो ये आपके लिए एक बेहतर विकल्प साबित हो सकता है।
BSc Electronics कोर्स : कोर्स के Types
बीएससी इलेक्ट्रॉनिक्स एक स्किल आधारित कोर्स है जिसे छात्र एंव वर्किंग प्रोफेशनल्स अपनी जीवन शैली के अनुसार फुल-टाइम या डिस्टेंस मोड़ में कर सकते है:
बीएससी इलेक्ट्रॉनिक्स रेगुलर एजुकेशन : भारत में, बीएससी इलेक्ट्रॉनिक्स साइंस आमतौर पर विश्वविद्यालयों और कॉलेजों में फुल-टाइम ऑन-कैंपस कोर्स के रूप में पेश किया जाता है। यह कोर्स आमतौर पर तीन साल का होता है और इसमें छह सेमेस्टर होते हैं। प्रत्येक सेमेस्टर में अनिवार्य और वैकल्पिक पाठ्यक्रमों का एक सेट होता है, और ग्रेजुएट होने के लिए छात्रों को एक निश्चित संख्या में क्रेडिट पूरा करने की आवश्यकता होती है।
बीएससी इलेक्ट्रॉनिक्स डिस्टेंस एजुकेशन : कुछ विश्वविद्यालय और कॉलेज बीएससी इलेक्ट्रॉनिक्स कोर्स के लिए डिस्टेंस मोड के विकल्प भी प्रदान करते हैं। जहां ई – लर्निंग, स्टडी मटेरियल, ऑनलाइन असाइनमेंट जैसे ऑनलाइन संसाधनों का उपयोग करके छात्रों को घर या उनकी पसंद के स्थान से अध्ययन करने की अनुमति देने के लिए डिज़ाइन किया गया है। डिस्टेंस मोड में उम्मीदवार सीधे ही आवेदन कर 12वी के बाद एडमिशन ले सकते है।
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BSc Electronics कोर्स : न्यूनतम योग्यता
बीएससी इलेक्ट्रॉनिक्स कोर्स को करने के लिए आपको नीचे दी गयी न्यूनतम योग्यता मानदंड को पूरा करना होगा:
- छात्रों ने किसी मान्यता बोर्ड या स्कूल से 10 + 2 परीक्षा उत्तीर्ण की होनी चाहिए। साथ ही छात्रों से 12वी स्तर पर न्यूनतम 40% अंको की उम्मीद की जाती है।
- छात्रों के पास उनके 10 + 2 स्तर में अंग्रेजी के साथ-साथ अनिवार्य विषय के रूप में भौतिकी, रसायन विज्ञान और गणित विषय होना चाहिए।
- कुछ विश्वविद्यालय एडमिशन के लिए उनके द्वारा आयोजित प्रवेश परीक्षा में न्यूनतम कटऑफ अंक के आधार पर एडमिशन की अनुमति देते है।
BSc Electronics कोर्स : एडमिशन प्रक्रिया
BSc Electronics कोर्स में एडमिशन कैसे ले? अधिकतम विश्वविधालयों एंव कॉलेजो में छात्रों को उनकी योग्यता के आधार पर बीएससी इलेक्ट्रॉनिक्स कोर्स में एडमिशन मिलता है जहां कॉलेज एडमिशन प्रक्रिया के लिए कट ऑफ प्रतिशत जारी करते हैं।
योग्यता के आधार पर एडमिशन की प्रक्रिया में छात्रों के 12वी में प्राप्त अंको के आधार पर मेरिट सूची जारी कर एडमिशन का निर्णय लिया जाता है। हालांकि, कुछ कॉलेज एंव विश्वविद्यालय प्रवेश परीक्षा के आधार पर एडमिशन देना पसंद करते हैं।
प्रवेश परीक्षा के माध्यम से एडमिशन प्रक्रिया में छात्रों को परीक्षा में बैठने की अनुमति तभी दी जाएगी जब उनकी 10+2 परीक्षा में भी कट ऑफ प्रतिशत को पूरा करते है। फिर इसके बाद प्रवेश परीक्षा में भौतिकी, रसायन विज्ञान, गणित और अंग्रेजी से वस्तुनिष्ठ प्रकार के प्रश्न पूछे जाते है जिसमें अगर आप अच्छा स्कोर कर लेते है तो आपको एडमिशन की अनुमति दे दी जाती है।
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बीएससी इलेक्ट्रॉनिक्स कोर्स फीस
बीएससी इलेक्ट्रॉनिक्स कोर्स के लिए लिया प्रत्येक कॉलेज में अलग – अलग फीस ली जाती है क्योंकि किसी भी संस्थान की फीस बहुत से पहलुओं पर निर्भर करती है। आमतौर पर इच्छुक उम्मीदवार बीएससी इलेक्ट्रॉनिक्स कोर्स को 50,000 से 2,90,000 रुपये में पूरा कर सकते है। हालंकि सरकारी कॉलेज से प्राइवेट कॉलेज की तुलना में कम फीस के साथ किया जा सकता है।
बीएससी इलेक्ट्रॉनिक्स कोर्स के भविष्य में अवसर
बीएससी इलेक्ट्रॉनिक्स कोर्स पूरा करने के बाद छात्रों को विभिन्न नौकरी क्षेत्रों में बहुत सारे अवसर मिलेंगे। जहां छात्र सर्विस इंजीनियर, ब्रॉडकास्ट एंड साउंड टेक्नीशियन, टेक्निकल लीडर, प्रोजेक्ट मैनेजर, मैन्युफैक्चरिंग हेड, इलेक्ट्रॉनिक सेल्स मैनेजर, इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कम्युनिकेशन कंसल्टेंट, इलेक्ट्रॉनिक्स टेक्निशियन आदि के रूप में काम करने का विकल्प चुन सकते है।
इलेक्ट्रॉनिक्स में बीएससी पूरा करने के बाद, छात्रों के पास या तो उच्च अध्ययन के लिए जाने या नौकरी में आवेदन करने का विकल्प होता है। उच्च अध्ययन में, छात्र एमएससी इलेक्ट्रॉनिक्स कोर्स को कर सकते हैं और आगे पीएचडी कर सकते हैं। मास्टर्स पूरा करने के बाद छात्र विभिन्न कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में शैक्षणिक नौकरियों के लिए भी जा सकते हैं।
अगर आप पढ़ाई जारी रखने का विकल्प चुनते है तो मास्टर्स पूरा करने के बाद आपको और भी बेहतर और उच्च वेतन पर नौकरी के अवसर मिल सकते है। freeslots dinogame