High Salary Courses After 12th in Hindi: 12वीं के बाद छात्रों के लिए विभिन्न विकल्प है जहां से अपने करियर का चुनाव कर सकते है लेकिन अधिकतम छात्र इस उलझन में रहते है कि हमारे भविष्य के लिए ऐसे कौन – से करियर या कोर्स है जिन्हे करने के बाद मैं उच्च वेतन पा सकता हूँ।
इसके अलावा कई तरह के ओर भी सवाल घूमते रहते है जैसे कि किस कोर्स में एडमिशन लेना सही रहेगा, भविष्य में किस कोर्स को करने के बाद अच्छी नौकरी मिल सकती है और भी बहुत, इस तरह के सवाल परेशान करने लगते है।
एक छात्र को सही कोर्स का चुनाव करने में मुश्किल आ सकती है क्योंकि कोर्स का चुनाव ही छात्रों के भविष्य को एक दिशा देता है इसलिए यह जरूरी हो जाता है कि छात्र अपनी रूचि और भविष्य के लक्ष्य को ध्यान में रखकर सही कोर्स का चुनाव करे, इसके साथ ही यह समझना भी जरूरी है कि वह कोर्स करने के बाद अच्छे पैकेज पर आसानी से नौकरी पा सके।
High Salary Courses After 12th
सबसे ज्यादा सैलरी वाला कोर्स कौन सा है? भारत में ऐसे बहुत से कोर्स है जिन्हे करने के बाद अच्छे वेतन की उम्मीद की जा सकती है हालंकि किसी भी कोर्स का चुनाव आपकी योग्यता, रूचि और भविष्य के लक्ष्यों को ध्यान में रखकर किया जाना चाहिए। क्योंकि अगर आपका नौकरी में वेतन ज्यादा भी है और आप अपने काम से खुश नहीं है तो आप लंबे समय तक उस काम को नहीं कर पाएंगे, इसलिए कोर्स का चुनाव सोच समझ कर करे।
प्रत्येक छात्र एक ऐसा कोर्स करना चाहता है जो भविष्य में उसे आसानी से और बेहतर वेतन पर नौकरी दिला सके। भारत में ऐसे कई कोर्सेस है जिन्हे 12वी के बाद करने पर आप अच्छा पैसा कमा सकते है लेकिन छात्रों को सही जानकारी न मिलने के कारण वह गलत कोर्स का चुनाव कर लेते है जिससे उन्हें भविष्य में विभिन्न परेशानीओ का सामना करना पड़ता है।
12वीं साइंस के बाद हाई सैलरी वाला सबसे अच्छा कोर्स कौन सा है? यहाँ आपको उन कोर्सेस के बारे में जानकारी दी जायेगी जिन्हे आप 12वी के बाद कर सकते है और यह वह कोर्स है जिन्हे करने के बाद आप आसानी से शुरुआती समय में 3 से 10 लाख रुपये प्रतिवर्ष तक की नौकरी पा सकते है:
#1 मेडिसीन / एमबीबीएस
नीट 2021 में 13.66 लाख छात्रों ने भाग लिया, जिसमे से 7,71,500 छात्रों ने परीक्षा उत्तीर्ण की थी। नीट एक ऐसी प्रवेश परीक्षा है जो एमबीबीएस और अन्य मेडिसीन कोर्स में एडमिशन के लिए अनिवार्य है जो कि नेशनल टेस्टिंग एजेंसी द्वारा आयोजित की जाती है। नीट प्रवेश परीक्षा में शामिल होने बाले छात्रों की संख्या से पता लगता है कि भारत के लाखों छात्र डॉक्टर बनने का अपना देखते है।
योग्यता
- वह उम्मीदवार जिसने अपना 12वी भौतिक विज्ञान, रसायन विज्ञान और जीव विज्ञान के साथ किया है और साथ ही 12वी में न्यूनतम 50% अंक हासिल किए है वह नीट प्रवेश परीक्षा में आवेदन करने के लिए योग्य है।
- एमबीबीएस और अन्य मेडिसन कोर्स में एडमिशन के लिए भारत के सभी राज्य स्तर और विश्वविधालय स्तर की प्रवेश परीक्षाएं समाप्त कर दी गयी है, सिर्फ नीट, JIPMER और AIMS प्रवेश परीक्षा के माध्यम से एडमिशन लिया जा सकता है।
कोर्स के बारे में
बैचलर ऑफ़ मेडिकल एंड बैचलर ऑफ़ सर्जरी (एमबीबीएस) एक 5.5 वर्ष का इंटीग्रेटेड कोर्स है, जिसमें अंतिम एक वर्ष में छात्रों की इंटरशिप होती है।
यह भारत में एकलौता ऐसा कोर्स है जिसे करने के बाद कोई भी छात्र बेरोजगार नहीं रह सकता है, क्योंकि डॉक्टर्स की आवश्यकता प्रत्येक अस्पताल को रहती है जिसमें वह नौकरी कर सकता है इसके अलावा एमबीबीएस करने के बाद छात्र खुद का भी कोई क्लिनिक या अस्पताल खोल सकता है जिससे कि वह अधिक मात्रा में पैसा कमा सकता है।
भारत ने डॉक्टर्स की बहुत डिमांड है, इसलिए यह एक ऐसा पेशा है जिसमें भविष्य बनाने की अपार संभावनाएं है। इसके साथ ही अगर कोई छात्र एक डॉक्टर के रूप में किसी अस्पताल में नौकरी नहीं करना चाहता है या खुद का अस्पताल भी नहीं खोलना चाहता है बल्कि मेडिसीन के क्षेत्र में और आगे पढ़ना चाहता है तो एमडी (डॉक्टर ऑफ़ मेडिसीन) या एमएस (डॉक्टर ऑफ़ सर्जरी) कोर्स के साथ अपनी उच्च शिक्षा जारी रख सकता है।
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#2 इंजीनियरिंग
बैचलर ऑफ़ इंजीनियरिंग या बैचलर ऑफ़ टेक्नोलॉजी (बीई / बीटेक) कोर्स भारत में ही नहीं विदेश में भी 12वी के बाद किया जाने वाला सबसे लोकप्रिय कोर्स है। बीई / बीटेक कोर्स को छात्र अपनी रूचि और लक्ष्य के अनुसार विभिन्न ब्रांच और स्पेसलाइज़शन में कोई भी चुन कर इंजीनियरिंग की पढ़ाई शुरू कर सकते है।
योग्यता
- इच्छुक उम्मीदवार इंजीनियरिंग में एडमिशन के लिए भौतिक विज्ञान, रसायन विज्ञान और गणित विषयों के साथ 12वी पास होना चाहिए पर साथ ही 12वी में अंग्रेजी विषय एक अनिवार्य विषय के रूप में होना चाहिए।
- भारत के शीर्ष विश्वविद्यालय या कॉलेज में एडमिशन के लिए राष्ट्रीय, राज्य और विश्वविधालय स्तर पर आयोजित होने वाली प्रवेश परीक्षा में भाग लेना होगा, उसमे उत्तीर्ण होने के बाद ही भारत के शीर्ष विश्वविद्यालय या कॉलेज में एडमिशन लिया जा सकता है।
कोर्स के बारे में
बीई / बीटेक कोर्स की अवधि 4 वर्ष है जिसमें 8 सेमेस्टर होते है, जिसमें अंतिम सेमेस्टर में छात्रों को प्रोजेक्ट कराये जाते है।
बीई / बीटेक कोर्स में विभिन्न ब्रांच और स्पेशलाइजेशन है जिसमें अधिकतम छात्र मैकेनिकल, इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कम्युनिकेशन, कंप्यूटर साइंस इंजीनियरिंग और सिविल इंजीनियरिंग ऐसे ब्रांच है जो छात्रों द्वारा सबसे ज्यादा चुने जाते है आप अपनी रूचि के अनुसार ब्रांच या स्पेशलाइजेशन चुन कर पढ़ाई कर सकते है।
इसके साथ ही जैसे – जैसे टेक्नोलॉजी बढ़ती जा रही है बीटेक / बीई में स्पेशलाइजेशन भी बढ़ती जा रहे है। जैसे अभी आप डाटा साइंस, आर्टिफीसियल इंजीनियरिंग, मशीन लर्निंग, इंटरनेट ऑफ़ थिंग्स और रोबोटिक्स आदि में भी बीई / बीटेक कोर्स किया जा सकता है।
करियर विकल्प
भारत के शीर्ष कॉलेज छात्रों को कोर्स पूरा होने पर प्लेसमेंट भी कराते है जिससे छात्र भारत की शीर्ष कंपनियों में अच्छे वेतन पर नौकरी कर सकता है। इसके साथ ही भारत में 10,000 से भी ज्यादा इंजीनियरिंग कॉलेज है जो बीई / बीटेक कोर्स करने की अनुमति देते है लेकिन भारत के कुछ ही कॉलेज है जो शीर्ष इंजीनियरिंग कॉलेज की सूची में आते है।
स्पेशलाइजेशन के आधार पर, छात्र आसानी से भारत व् विदेश की विभिन्न कंपनी में आसानी से नौकरी पा सकता है। जैसे अगर किसी छात्र से अपना बीई / बीटेक कंप्यूटर साइंस इंजीनियरिंग से किया है तो वह सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग के रूप में काम कर सकता है, जो कि भारत में 12वी के बाद अच्छे वेतन के लिए जाना जाता है।
जेईई मैन – एक परिचय
जेईई मैन भारत में इंजीनियरिंग कोर्स में एडमिशन के लिए सबसे बड़ी प्रवेश परीक्षा है, जो कि नेशनल टेस्टिंग एजेंसी द्वारा आयोजित की जाती है। पिछले वर्ष के डाटा के आधार पर, 22 लाख से अधिक छात्रों से ने जेईई मैन प्रवेश परीक्षा में आवेदन किया था। भारत के अधिकतम छात्र ऐसे है जो जेईई मैन प्रवेश परीक्षा को कई वार दे चुके है क्योंकि जेईई मैन प्रवेश परीक्षा भारत की सबसे मुश्किल प्रवेश परीक्षाओं में गिनी जाती है।
जेईई मैन प्रवेश परीक्षा में प्रतिवर्ष लगभग 20 लाख से ज्यादा छात्र आवेदन करते है लेकिन सिर्फ शीर्ष 2,50,000 छात्र ही जेईई एडवांस में शामिल हो पाते है।
भारत के किसी भी आईआईटी और एनआईटी कॉलेज में एडमिशन के लिए जेईई मैन और जेईई एडवांस प्रवेश परीक्षा उत्तीर्ण करना अनिवार्य है, हालंकि कुछ कॉलेज सिर्फ जीईए मैन प्रवेश परीक्षा में छात्रों द्वारा किए गए प्रदर्शन के आधार पर एडमिशन देते है।
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#3 बैचलर ऑफ़ बिज़नेस एडमिनिस्ट्रेशन (बीबीए)
प्रत्येक वर्ष 12वी पास करने वाले बहुत से छात्र बीबीए कोर्स में एडमिशन लेते है, क्योंकि इस कोर्स को करने के बाद छात्र आसानी से भारत की विभिन्न कंपनियों में नौकरी का अवसर पा सकता है। यह एक बिज़नेस संबधित कोर्स है इसलिए प्रत्येक कंपनी को बीबीए ग्रेजुएट की आवश्यकता रहती है जिससे कि वह बिज़नेस, मैनेजमेंट और मार्केटिंग से संबधित काम संभाल सके।
योग्यता
- वह उम्मीदवार जिसने किसी भी स्ट्रीम में 12वी पास कर लिया है वह बीबीए कोर्स के लिए आवेदन कर सकता है।
- भारत के अधिकतम कॉलेजो में मेरिट के आधार पर बीबीए कोर्स में एडमिशन किए जाते है, जिसमें प्रत्येक कॉलेज की कटऑफ अलग – अलग होती है।
- भारत के कुछ ऐसे कॉलेज भी है जो बीबीए कोर्स में एडमिशन प्रवेश परीक्षा के आधार पर करते है। जिसमें छात्रों को एडमिशन के लिए पहले प्रवेश परीक्षा को पास करना होता है उसके बाद कॉउन्सिलिंग के माध्यम से एडमिशन प्रक्रिया पूरी कराई जाती है।
बीबीए कोर्स के बारे में
बीबीए कोर्स की अवधि 3 वर्ष है और यह कोर्स उन छात्रों के बीच बहुत लोकप्रिय है जो मैनेजमेंट के क्षेत्र में पढ़ाई करना चाहते है, वह उम्मीदवार जो जो भविष्य में एमबीए करना चाहते है उनके लिए बीबीए कोर्स बहुत ही उपयोगी है।
करियर विकल्प
आप बीबीए कोर्स करने के बाद ही अपने प्रोफेशनल करियर के शुरुआत कर सकते है, हालंकि कुछ कंपनियां उच्च मैनेजर पद के लिए एमबीए की मांग करती है। इसलिए अगर आप बीबीए करने के बाद एमबीए करते है तो यह आपके करियर को ऊचाइयों तक पहुंचाने में काफी मदद करता है।
आपका करियर इस बात पर निर्भर करता है कि आपने किस स्पेशलाइजेशन के साथ बीबीए कोर्स पूरा किया है जैसे – एचआर, मार्केटिंग, ऑपरेशन्स और फाइनेंस आदि। आमतौर पर बीबीए कोर्स करने के बाद शुरुआती वेतन 3 से 5 लाख रुपये प्रतिवर्ष के बीच रहता है।
#4 बैचलर ऑफ़ स्टेटिस्टिक्स
स्टेटिस्टिक्स की पढ़ाई करने वाले छात्रों के लिए भी मार्केट में बहुत सी नौकरी के अवसर है। वह उम्मीदवार जो गणित बैकग्राउंड से आते है और गणित विषय में बहुत रूचि रखते है वह बैचलर ऑफ़ स्टेटिस्टिक्स कोर्स कर सकते है।
योग्यता
- कोई भी उम्मीदवार जिसने गणित और अंग्रेजी विषय के साथ अपना 12वी पास किया है वह भारत के विभिन्न विश्वविधालय और कॉलेज के माध्यम से बैचलर ऑफ़ स्टेटिस्टिक्स कोर्स कर सकता है।
- भारत के अधिकतम कॉलेज मेरिट के आधार पर बैचलर ऑफ़ स्टेटिस्टिक्स कोर्स में एडमिशन करते है जिसमें प्रत्येक कॉलेज की कटऑफ अलग – अलग होती है।
- भारत के कुछ स्टेटिस्टिक्स विश्वविद्यालय राष्ट्र्रीय स्तर पर बैचलर ऑफ़ स्टेटिस्टिक्स कोर्स में एडमिशन के लिए प्रवेश परीक्षा आयोजित करते है।
कोर्स के बारे में
स्टेटिस्टिक्स और गणित कंप्यूटर एप्लीकेशन का हिस्सा है जिसकी अवधि 3 वर्ष है, इस कोर्स को भारत के विभिन्न कॉलेज द्वारा किया जा सकता है।
भारत में इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ़ स्टेटिस्टिक्स, स्टेटिस्टिक्स के बारे में पढ़ने के लिए सबसे बेहतर कॉलेज माना जाता है। यह बहुत ही प्रतिष्ठित कॉलेज है और यहाँ से पढ़ाई करने के बाद सरकारी या प्राइवेट सेक्टर में अच्छे पैकेज पर प्लेसमेंट भी होता है।
इस कोर्स में छात्रों को बिज़नेस स्टेटिस्टिक्स, प्रोबेबिलिटी, एप्लाइड मैथ, साइकोलॉजिकल इंडेक्स, एक्चुरियल साइंस आदि विषय पढ़ाये जाते है।
करियर विकल्प
स्टेटिस्टिक्स के आवश्यकता प्रत्येक इंडस्ट्री को रहती है, छात्र इस कोर्स को करने के बाद रिसर्च लेबोरेटरी में काम कर सकते है। इसके साथ ही वह वैज्ञानिक संस्थान में भी काम कर सकते है।
इन सब के अलावा, यह कोर्स करने के बाद एक प्रोफेसर के रूप में भी नौकरी कर सकते है या फिर आगे की पढ़ाई के लिए उच्च शिक्षा जारी रख सकते है।
#5 बैचलर इन कंप्यूटर एप्लीकेशन
बीसीए कोर्स कंप्यूटर साइंस और इसके एप्लीकेशन के बारे में है जिसकी अवधि 3 वर्ष है जिसे भारत सरकारी और प्राइवेट कॉलेजों द्वारा कराया जाता है।
बीसीए कोर्स में छात्रों को एडवांस प्रोग्रामिंग, वर्ल्ड वाइड वेब, हार्डवेयर, नेटवर्किंग, मैथमैटिक्स, डाटा स्ट्रक्चर, सी++, डेटाबेस एडमिनिस्ट्रेशन और सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग आदि विषय पढ़ाये जाते है।
योग्यता
- कोई भी उम्मीदवार जिसने 45% अंको के साथ 12वी (पीसीएम) पास किया है वह बीसीए कोर्स में एडमिशन ले सकता है।
- भारत के अधिकतम कॉलेज अपने स्तर पर छात्रों के 12वी के अंको के आधार पर मेरिट के अनुसार एडमिशन करते है।
करियर विकल्प
भारत में आईटी के क्षेत्र में बहुत अवसर है, जहां सॉफ्टवेयर कंपनियां बीसीए प्रोफेशनल्स को नौकरी देते है। उन कंपनियों में इनफ़ोसिस, टीसीएस, विप्रो, एचसीएल आदि शामिल है जो बीसीए ग्रेजुएट्स को नौकरी का मौका देती है। यहां आपको कुछ नौकरी प्रोफाइल दिए गए है जिनमे आप बीसीए करने के बाद काम कर सकते है :
- सॉफ्टवेयर डेवलपर
- सिस्टम एनालिस्ट
- हार्डवेयर एंड नेटवर्किंग इंजन
- नेटवर्क डिज़ाइनर
- सिस्टम स्पेशलिस्ट
#6 बैचलर ऑफ़ साइंस इन होटल मैनेजमेंट
होटल मैनेजमेंट एक ऐसा कोर्स है जो पिछले कुछ सालो से बहुत लोकप्रिय हो रहा है, क्योंकि हॉस्पिटैलिटी इंडस्ट्री बहुत तेजी से बढ़ रहा है। बैचलर ऑफ़ साइंस इन होटल मैनेजमेंट कोर्स की अवधि 3 वर्ष है जिसे बेहतर प्लेसमेंट के लिए 12वी के बाद किया जा सकता है।
बैचलर ऑफ़ साइंस इन होटल मैनेजमेंट कोर्स में एडमिशन के लिए छात्र ने किसी भी स्ट्रीम में 50% अंको के साथ 12वी पास किया होना अनिवार्य है।
भारत के कुछ कॉलेज बैचलर ऑफ़ साइंस इन होटल मैनेजमेंट कोर्स में एडमिशन प्रवेश परीक्षा के आधार पर करते है।
करियर विकल्प
बीएचएम कोर्स करने के बाद हॉस्पिटैलिटी सेक्टर में आसानी से नौकरी मिल जाती है, यहां आपको कुछ नौकरी प्रोफाइल दी गयी है जिनमे आप यह कोर्स करने के बाद काम कर सकते है:
- कस्टमर रिलेशन एग्जीक्यूटिव
- फ़ूड एंड बेवरेजेज मैनेजर
- फ्रंट ऑफिस मैनेजर
- इवेंट मैनेजर
- एडमिनिस्ट्रेटिव ऑफिसर
#7 बीएससी इन आईटी
बीएससी आईटी, आईटी क्षेत्र में किया जाने वाला कोर्स है। इस कोर्स की अवधि 3 वर्ष है, जहां छात्र आईटी से संबधित विभिन्न पहलुओं के बारे में पढ़ते है।
बीएससी आईटी कोर्स में पढ़ाई जाने वाले विषयों में नेटवर्किंग, कंप्यूटर फ़ण्डामेंट्स, सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट, ऑपरेटिंग सिस्टम, टेस्टिंग, डेटाबेस, वेब प्रोग्रामिंग आदि शामिल है।
बीएससी आईटी कोर्स में एडमिशन के लिए गणित विषय के साथ 12वी में न्यूनतम 50% अंक होना अनिवार्य है।
करियर विकल्प
बीएससी आईटी कोर्स पूरा करने के बाद, छात्र नेटवर्क इंजीनियर, हार्डवेयर नेटवर्क सपोर्ट, आईटी कंसल्टैंट, टेस्टर और सॉफ्टवेयर डेवलपर आदि के रूप में उच्च वेतन पर काम कर सकता है।
#8 बीफार्मा
बीफार्मा 4 वर्ष का एक फार्मेसी कोर्स है जिसमे छात्रों को आर्गेनिक और केमिकल कम्पोजीशन, ड्रग्स, मेडिसीन आदि के बारे में पढ़ाया जाता है।
यह कोर्स उन उम्मदवारो के लिए एक अच्छा विकल्प है जो किसी फार्मासिस्ट कंपनी में काम करना चाहते है या फिर खुद की फार्मेसी एजेंसी शुरू करने चाहते है।
बीफार्मा कोर्स में एडमिशन के लिए छात्र ने भौतिक विज्ञान, रसायन विज्ञान और जीव विज्ञान विषयो के साथ 12वी न्यूनतम 50% अंको के साथ पास किया होना अनिवार्य है।
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करियर विकल्प
यह कोर्स आपको रिसर्च और फार्मा कंपनी में काम करने का अवसर प्रदान करता है। फार्मा क्षेत्र बहुत तेजी से बढ़ रहा है क्योंकि फार्मा कंपनी हमें हेल्थी और विभिन्न बीमारियों के इलाज के लिए दवाईयां प्रदान करती है। इसलिए अगर अपने मेडिकल क्षेत्र में जाने का निर्णय किया है तो एक अच्छा निर्णय हो सकता है।
#9 बैचलर ऑफ़ आर्किटेक्चर
बैचलर ऑफ़ आर्किटेक्चर जिसे बी.आर्च के नाम से भी जाना जाता है, बी.आर्च कोर्स की अवधि 5 वर्ष है जिसमें छात्रों को प्रैक्टिकल और थ्योरी के माध्यम से आर्किटेक्चर क्षेत्र में प्लानिंग, डिजाइनिंग और कंस्ट्रक्शन की विभिन्न टेक्निक के बारे में सिखाया जाता है।
बैचलर ऑफ़ आर्किटेक्चर कोर्स में एडमिशन के लिए उम्मीदवार ने भौतिक विज्ञान, रसायन विज्ञान और गणित विषयों के साथ 12वी में न्यूनतम 50% अंक हासिल करना अनिवार्य है।
करियर विकल्प
अगर आप आर्किटेक्चर के क्षेत्र में अपना भविष्य बनाना चाहते है तो बैचलर ऑफ़ आर्किटेक्चर एक ऐसा कोर्स है जो आपको इस क्षेत्र में बहुत पैसा कमा कर दे सकता है। यह कोर्स पूरा करने के बाद आप विभिन्न कंस्ट्रक्शन कंपनी में अच्छे वेतन पर काम कर सकते है।
यह सभी ऐसे कोर्सेस है जिनमें में से कोई भी एक कोर्स करने के बाद आप उच्च वेतन पर एक बेहतरीन नौकरी पा सकते है इसमें आप कोर्स का चुनाव अपनी योग्यता और रूचि के अनुसार कर सकते है। freeslots dinogame